पबितर जिनगी जीये बर नियम
1 जब तुमन मसीह के संग जियाय गे हवव, त अपन मन ला ऊपर, स्वरगीय बातमन म लगावव, जिहां मसीह ह परमेसर के जेवनी हांथ कोति बईठे हवय। 2 अपन मन ला ऊपर, स्वरगीय बातमन म लगावव, धरती के बात म नइं।
5 एकरसेति, अपन ओ सुभावमन ला मार डारव, जऊन मन संसारिक अंय—जइसने कि बेभिचार, असुधता, काम-वासना, खराप लालसा अऊ लोभ जऊन ह मूरती-पूजा सहीं अय।