23 ह मर परखमन क परमसर, मह तल धनबद दथव अऊ तर परसस करथव:
तह मल बदध अऊ सकत द हवस,
तह मल ओ बत बतय हवस, जऊन ल हमन तर ल पछ रहन,
तह हमन ल रज क सपन ल बतय हस।"
23 ह मर परखमन क परमसर, मह तल धनबद दथव अऊ तर परसस करथव:
तह मल बदध अऊ सकत द हवस,
तह मल ओ बत बतय हवस, जऊन ल हमन तर ल पछ रहन,
तह हमन ल रज क सपन ल बतय हस।"