24 तब राजा नबूकदनेसर ह चकित होवत कूदके ठाढ़ हो गीस अऊ अपन सलाहकारमन ले पुछिस, "का ओमन तीन झन मनखे नइं रिहिन, जेमन ला हमन बांधके आगी म फटिके रहेंन?"
ओमन जबाब दीन, "हव, महाराज।"
25 राजा ह कहिस, "देखव! मेंह आगी के बीच म चार झन मनखे ला चलत देखत हंव; ओमन बंधाय नइं एं अऊ ओमन ला कुछू हानि नइं होय हवय, अऊ चौथा मनखे ह देवतामन के बेटा सहीं दिखत हे।"
27 अऊ ओमन के चारों कोति हाकिम, परधान, राजपाल अऊ राज सलाहकारमन के भीड़ लग गीस। ओमन देखिन कि ओ तीनों के देहें ला आगी ले कुछू नुकसान नइं होय रिहिस, न ही ओमन के मुड़ के कोनो बाल झुलसे रिहिस; ओमन के ओनहामन घलो नइं जले रिहिन, अऊ ओमन ले जले के कोनो गंध नइं आवत रिहिस।