30 त ओह कहिस, "का येह ओ बड़े बेबिलोन नो हय, जऊन ला मेंह अपन बड़े सक्ति ले साही निवास के रूप म अपन वैभव के महिमा बर बनाय हवंव?"
37 अब में, नबूकदनेसर, स्वरग के राजा के इस्तुति, महिमा अऊ परसंसा करत हंव, काबरकि ओह जऊन कुछू घलो करथे, सही करथे अऊ ओकर जम्मो काम नियाय-संगत होथें। अऊ जऊन मन घमंडी होके चलथें, ओमन ला ओह नम्र बनाय म समर्थ हे।