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Daniel 8

िएल एक ़ा अऊ एक करदरसन

1 लसससर सन सरबछर , ें िएल पहिदरसन एक अऊ दरसन ें2 अपन दरसन , ेंअपनआप एलरदसन सहर िें, दरसन , ेंऊलई नहर रहें3 ेंउठेंि नहर एक ठन ़ा खड़े रहय, कर ठन ींिि, अऊ ींगमन लमििएक ींसर ींबड़े ििअऊ बड़े ींिकलिि4 ेंेंि ़ा पछिअऊ उततर अऊ दकिि टककर रत रहयघलपसओकर आघिनइसकि, अऊ अइसनइिि, जऊन ओकर सकि बचसकतिओह जइसि, वइसकरिअऊ बहुंबड़े

5 जब ेंकर चत रहें, तब ेंेंि अचनक एक करपछििआईस, कर मन एक िींिि, अऊ करजमधरतकरकइयां िगर आय िि6 करठन ींगव़ा ि आईस, जऊन ेंनहर खड़े रहेंअऊ बहुंि़ा टककर ि7 ेंेंि करबहुं़ा ऊपर हमलकरि, अऊ ओलटककर रत ओकर ों ीं़ा अतकत नइििि ओह करमनकर सकय; कऱा इयां िओलचर ि, अऊ ओकर सकि ़ा बचनइसकि8 करबहुंसकि, पर ओकर सकि चई , ओकर बड़े ीं, अऊ ओकर जगह िींिकलकों िबढलगि

9 ओमएक एक ठन अऊ ींिकलि, कर आत टकन ईस पर सकि दकि, रब अऊ घर ि 10 ओह तब तक ििजब तक ि अकमन करनइहबर , अऊ ओह मन धरतऊपर फटिअऊ ओमन चर ि11 ओह अपनआप यहपति सहीं बड़े बन; ओह यहचघजवइयबलि, अऊ ओकर पबितर-सेंकव12 िदररन, यहमनखमन8:12 या सेना अऊ हर िबलिओलिओह जऊन घलकरि, ओमओकर बढवत , अऊ सचचई इयां ऊपर फटिि

13 तब ेंएक पबितर जन लत ें, एक आनपबितर जन पहिि, "दरसन बर कतसमय लगही—दरसन, हर िबलि, िदरजऊन उजरन बनथे, पबितर-ससमरपन अऊ यहमनखमन रऊजवई हवय?"

14 ओह कहि, "2,300 िअऊ ांलगही; तब पबितर-सकरी।"

दरसन अर

15 जब ें, िएल दरसन खके, समझिकरत रहें, तभेंेंि आघएक जन खड़े ईस, जऊन एक मनखसहीं िखत रहय16 अऊ ेंऊलई नहर एक झन मनखअवें, जऊन रककहत रहय, "िएल, मनखदरसन अरबता।"

17 जब ओह जगह लकठआईस, िां ेंखड़े रहें, ेंडर ेंअऊ ूं िेंतब मनखकहि, "मनखा, समझ ि दरसन अनसमय अय"

18 जब ओह िवत िि, तब ेंइयां ि अपन हरकरपड़े रहेंअऊ गहिींरहेंतब ओह ईस अऊ कर

19 ओह कहि, "ेंतमन बतइय, जऊन 8:19 या परमेसर के कोप समय ी, बरकि दरसन ठहिगय अनसमय अय20 जऊन ींगव़ा ेंे, ओह अऊ रसमन े। 21 लवकर, अऊ ओकर मन बड़े ींपहि22 ठन ीं, जऊन मन एक ींजगह िकलि, ओमन जमन ें, जऊन मन ओहिकलहीं, पर ओमन सकि पहिसहीं नइी।

23 "ओमन सन समय , जब िदरमन अपन रई ीं, तब भयनक िखइयएक उदय ी, जऊन सडयकरिी। 24 ओह बहुंसकिी, पर अपन सकि नइं। ओह भयकर िकरहअऊ जऊन घलओह करही, ओमओह सफल ी। ओह ओमन करही, जऊन मन सकिी, पबितर मनख25 ओह बढ़े बर छल-परपकरही, अऊ ओह अपनआप बहुंबड़े समझही। जब ओमन रकछिमहसकरत ीं, तभओह बहुंजन कर अऊ जकरमन जकिी। तभओह करी, पर नव सकि नइं।

26 "ांअऊ िहनिां जऊन दरसन िहवय, ओह सच अय, पर ेंदरसन पत रख, बरकि बहुंआघअगम अय"

27 ें, िएल लसपडरहेंेंथककबहुंितक पड़े रहेंेंउठेंअऊ मकलग ेंेंदरसन डररहें; समझ ििि

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