कलीसिया म एकता
1 तब परभू खातिर एक कैदी के रूप म, मेंह तुमन ले बिनती करथंव कि ओ बुलावा के लईक जिनगी जीयव, जेकर बर तुमन बलाय गे हवव। 2 पूरा दीन अऊ नम्र बनव अऊ धीर धरके मया म एक-दूसर के सह लेवव। 3 सांति के बंधन म बंधाके पबितर आतमा के एकता ला बनाय रखे के पूरा कोसिस करव। 4 एक देहें अऊ एक पबितर आतमा हवय, जइसने कि एके आसा हवय, जेकर बर परमेसर ह तुमन ला बलाय हवय। 5 एक परभू, एक बिसवास अऊ एक बतिसमा अय। 6 अऊ जम्मो झन के एके परमेसर अऊ ददा अय, जऊन ह जम्मो के ऊपर अऊ जम्मो के बीच म अऊ जम्मो म हवय।
7 मसीह के ईछा के मुताबिक, हमन ले हर एक झन ला अनुग्रह दिये गे हवय। 8 एकरसेति परमेसर के बचन ह कहिथे:
"जब ओह ऊंचहा जगह म गीस,
ओह अपन संग बहुंत बंधुवामन ला ले गीस
अऊ मनखेमन ला बरदान दीस।"4:8 भजन 68:18
9 (ओह ऊपर चघिस—एकर मतलब होथे कि ओह पहिली, धरती के खाल्हे भागमन म उतरिस। 10 जऊन ह खाल्हे उतरिस, येह ओहीच अय, जऊन ह अकासमन ले घलो बहुंत ऊपर चघिस, ताकि जम्मो संसार ला अपन उपस्थिति ले भर देवय।) 11 येह ओ अय, जऊन ह कुछू झन ला प्रेरित, कुछू झन ला अगमजानी, कुछू झन ला सुघर संदेस के परचारक अऊ कुछू झन ला पास्टर अऊ गुरूजी होय के बरदान दीस, 12 ताकि परमेसर के मनखेमन सेवा के काम खातिर तियार करे जावंय अऊ मसीह के देहें4:12 या कलीसिया ह बढ़त जावय,