22 एकरसत अपन परन चलचलन ल छड दवव, जऊन ह तमहर पहल क जनग ल सबध रखथ अऊ अपन धख दवइय ललस क दवर बगडत जथ; 23 अऊ अपन मन क आतम म नव बन जवव; 24 अऊ नव चलचलन ल धर लवव, जऊन ह सह क धरमपन अऊ पबतरत म, परमसर क सरप म सरज ग हवय।
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22 एकरसत अपन परन चलचलन ल छड दवव, जऊन ह तमहर पहल क जनग ल सबध रखथ अऊ अपन धख दवइय ललस क दवर बगडत जथ; 23 अऊ अपन मन क आतम म नव बन जवव; 24 अऊ नव चलचलन ल धर लवव, जऊन ह सह क धरमपन अऊ पबतरत म, परमसर क सरप म सरज ग हवय।