2 ओ निरजन जगह म जम्मो इसरायली समाज ह मूसा अऊ हारून के बिरूध बड़बड़ाय लगिस। 3 इसरायलीमन ओमन ला कहिन, "बने होतिस यदि हमन यहोवा के हांथ ले मिसर म ही मर गे रहितेंन! उहां हमन मांस ले भरे कढ़ाही के तीर म बईठके अपन ईछा के मुताबिक जम्मो किसम के जेवन करत रहेंन, पर तुमन हमन ला ये निरजन जगह म एकरसेति लाने हवव कि ये पूरा समाज भूख के मारे मर जावय।"
15 जब इसरायलीमन येला देखिन, त ओमन आपस म कहे लगिन, "येह का ए?" काबरकि ओमन नइं जानत रिहिन कि ओह का रिहिस।
मूसा ह ओमन ला कहिस, "येह ओ रोटी ए, जेला यहोवा ह तुमन ला खाय बर दे हवय।
19 तब मूसा ह ओमन ला कहिस, "कोनो भी मनखे बिहनियां होवत तक येमा के कुछू चीज ला बचाके झन रखय।"
20 पर ओमा के कुछू मनखेमन मूसा के गोठ ला धियान नइं दीन; अऊ येमा के कुछू भाग ला बिहनियां बर रख लीन, पर ओमा कीरा पर गे अऊ ओह बस्साय लगिस। एकरसेति मूसा ह ओमन ऊपर गुस्सा होईस।
22 हप्ता के छठवां दिन, ओमन आने दिन के तुलना म दू गुना संकेलिन—हर एक मनखे बर दू ओमेर—अऊ समाज के अगुवामन आके मूसा ला ये बात के सूचना दीन। 23 ओह ओमन ला कहिस, "यहोवा ह ये हुकूम दे हवय: ‘कल बिसराम दिन अय, यहोवा बर एक पबितर बिसराम दिन। एकरसेति, जऊन कुछू तुमन रांधे बर चाहत हव, ओला रांध लव अऊ जऊन कुछू तुमन उसने बर चाहत हव, ओला उसन लव। जतेक ह बांच जाही, ओला बिहनियां होवत तक रख लेवव।’ "
24 तब ओमन मूसा के हुकूम के मुताबिक ओला बिहनियां होवत तक बंचाके रखिन, अऊ ओह बास नइं मारिस अऊ ओमा कीरा नइं लगिस।