13 दूसर दिन मूसा ह मनखेमन के नियाय करे बर नियायधीस के आसन म बईठिस, अऊ बिहान ले लेके सांझ तक मनखेमन मूसा के चारों कोति ठाढ़े रिहिन। 14 जब मूसा के ससुर ह ओ जम्मो ला देखिस, जेला मूसा ह मनखेमन बर करत रिहिस, त ओह कहिस, "येह का अय, जऊन ला तेंह मनखेमन बर करत हस? नियाय करे बर तेंह एके झन काबर बईठथस, जबकि ये जम्मो मनखेमन बिहान ले सांझ तक तोर चारों कोति ठाढ़े रहिथें?"
17 मूसा के ससुर ह जबाब दीस, "जऊन कुछू तेंह करत हस, ओह सही नो हय। 18 अइसन म तेंह अऊ ये मनखे, जेमन तोर करा आथें, तुमन जम्मो अपनआप ला बहुंत थका डारहू। ये काम ह तोर बर बहुंत जादा हे; तेंह एके झन येला नइं कर सकस। 21 पर ये जम्मो मनखेमन ले योग्य मनखेमन ला छांट ले—अइसन मनखे, जऊन मन परमेसर के भय मानथें, ईमानदार मनखे, जऊन मन बेईमानी के कमई ले दूरिहा रहिथें—अऊ येमन ला हजार-हजार, सौ-सौ, पचास-पचास अऊ दस-दस मनखेमन के ऊपर अधिकारी ठहिरा दे। 22 येमन ही जम्मो बेरा मनखेमन बर नियायधीस के रूप म काम करंय, पर ओमन कठिन मामला ला तोर करा लानंय; सधारन मामला के फैसला ओमन खुद करंय। येह तोर बोझा ला हल्का करही, काबरकि ये बोझा ला ओमन तोर संग बांटहीं।
24 मूसा ह अपन ससुर के गोठ ला मानिस अऊ जऊन कुछू ओह कहिस, वइसने ही करिस।