17 मूसा के ससुर ह जबाब दीस, "जऊन कुछू तेंह करत हस, ओह सही नो हय। 18 अइसन म तेंह अऊ ये मनखे, जेमन तोर करा आथें, तुमन जम्मो अपनआप ला बहुंत थका डारहू। ये काम ह तोर बर बहुंत जादा हे; तेंह एके झन येला नइं कर सकस। 19 एकरसेति मोर बात ला सुन; मेंह तोला कुछू सलाह देवत हंव, अऊ परमेसर ह तोर संग रहय। तेंह परमेसर के आघू म ये मनखेमन के परतिनिधि बन अऊ ओमन के झगरा ला परमेसर करा लान। 20 ओमन ला ओकर नियम अऊ बिधिमन ला सिखोय कर, अऊ ओमन ला देखा कि ओमन कइसे जिनगी जीयंय अऊ ओमन कइसे बरताव करंय। 21 पर ये जम्मो मनखेमन ले योग्य मनखेमन ला छांट ले—अइसन मनखे, जऊन मन परमेसर के भय मानथें, ईमानदार मनखे, जऊन मन बेईमानी के कमई ले दूरिहा रहिथें—अऊ येमन ला हजार-हजार, सौ-सौ, पचास-पचास अऊ दस-दस मनखेमन के ऊपर अधिकारी ठहिरा दे। 22 येमन ही जम्मो बेरा मनखेमन बर नियायधीस के रूप म काम करंय, पर ओमन कठिन मामला ला तोर करा लानंय; सधारन मामला के फैसला ओमन खुद करंय। येह तोर बोझा ला हल्का करही, काबरकि ये बोझा ला ओमन तोर संग बांटहीं। 23 कहूं तेंह येला करथस अऊ परमेसर ह अइसने करे के हुकूम देथे, त तेंह बुता ला सही ढंग से करे के लईक रहिबे, अऊ जम्मो मनखेमन संतोस मन से अपन-अपन घर जाहीं।"