12 तुमन अपन दाई-ददा के आदरमान करव, ताकि ओ देस म तुमन बहुंत साल तक जीयव, जेला यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला देवत हे।
13 तुमन कोनो मनखे के हतिया झन करहू।
14 तुमन बेभिचार झन करहू।
15 तुमन चोरी झन करहू।
16 तुमन अपन परोसी के बिरूध म लबारी गवाही झन दूहू।
17 तुमन अपन परोसी के घर के लालच झन करहू। तुमन अपन परोसी के घरवाली के लालच झन करहू, न ही ओकर सेवक या सेविका, न ओकर बईला या गदहा, अऊ न ही ओकर कोनो अऊ चीज के लालच करहू, जऊन ह तुम्हर परोसी के अय।"