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फिलिप्पी 1:12-14,20,21

पौलुस के जेल म रहई ले सुघर संदेस फईलथे

12 हे भाईमन हो, मेंह चाहथंव कि तुमन जानव कि जऊन कुछू मोर ऊपर बीते हवय, ओह सही म सुघर संदेस के बढ़ती म मददगार होईस। 13 एकर नतीजा ये होईस कि महल के जम्मो सिपाही1:13 या जम्मो महल अऊ आने जम्मो झन म ये बात ह साफ हो गे हवय कि मेंह मसीह खातिर जेल म हवंव। 14 मोर जेल म रहे के कारन, बहुंते भाईमन के परभू ऊपर बिसवास ह बढ़ गे हवय अऊ ओमन परमेसर के बचन ला अऊ साहसी अऊ निडर होके सुनावत हवंय।

20 मोर दिली ईछा अऊ आसा हवय कि मेंह बिलकुल झन लजावंव, पर मोर करा पूरा हिम्मत रहय, ताकि मोर देहें म हमेसा मसीह के बड़ई होवत रहय, चाहे मोर जिनगी रहय या मर जावंव। 21 काबरकि मोर बर जीयत रहई मसीह अय अऊ मर जवई फायदा के बात अय।

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