Pular para o conteúdo
Publicidade

गलातिया 1

अऊ आनघर नइ

6 अचरज वत हवय ि जऊन मन मसअनरह बलईस, ओलमन अतजलोंवत हव, अऊ आनिसम घर ि वत हवव7 असल , अऊ आनिसम घर हवय नइं। पर मनखमन हर गडबड़ी करत हवअऊ ओमन मन मसघर हटिकरत हव8 पर कहूं हमन वरग घलघर ों़, जऊन हमन मन हवन, आनिसम घर े, ओह परमसर सरिवय! 9 जइसनि हमन पहिबतहवन, ा, ेंकहत : जऊन घर मन गरहन करहवव ओलों़, यदि अऊ आनिसम घर परचकरथे, ओह परमसर सरिवय!

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também