20 मह मसह क सग करस म चघय ज चक हवव अऊ अब मह जयत नइ अव, पर मसह ह मर म जयत हवय। ओ जनग जऊन ल मह दह म जयत हवव, ओल मह परमसर क बट म बसवस क दवर जयत हवव, जऊन ह मर ल मय करस अऊ अपनआप ल मर बर द दस।
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20 मह मसह क सग करस म चघय ज चक हवव अऊ अब मह जयत नइ अव, पर मसह ह मर म जयत हवय। ओ जनग जऊन ल मह दह म जयत हवव, ओल मह परमसर क बट म बसवस क दवर जयत हवव, जऊन ह मर ल मय करस अऊ अपनआप ल मर बर द दस।