15 यदि तुमन एक-दूसर ला चोट पहुंचाथव अऊ एक-दूसर के नुकसान करथव, तब सचेत रहव, नइं तो तुमन एक-दूसर के दुवारा नास हो जाहू।
21 डाह, मतवारपन, रंगरेली मनई अऊ ये किसम के आने काम। मेंह तुमन ला चेतावत हवंव, जइसने मेंह पहिली घलो चेताय रहेंव कि जऊन मन ये किसम के काम ला करथें, ओमन परमेसर के राज के भागीदार नइं होवंय।
26 हमन घमंडी झन होवन, एक-दूसर ला झन भड़कावन अऊ हमन एक-दूसर ले डाह झन करन।