आखिरी प्रोत्साहन
1 भाईमन सहीं एक-दूसर ले मया करते रहव। 2 अनजान मनखेमन के आव-भगत करे बर झन भूलव, काबरकि अइसने करे के दुवारा कुछू मनखेमन अनजाने म स्वरगदूतमन के आव-भगत करे हवंय। 3 जऊन मन जेल म हवंय, ओमन के खियाल रखव, ये सोचके कि मानो तुमन घलो ओमन संग कैद म हवव, अऊ जऊन मन के संग गलत बरताव करे जाथे, ओमन के घलो खियाल रखव, ये सोचके कि मानो तुमन खुद दुख उठावत हवव।