4 बहव ह जमम मनख म आदर क बत समझ जवय। बहव क बछन ह सध रहय, कबरक परमसर ह ओ जमम झन क नयय करह, जऊन मन बभचर अय अऊ आन क सग गलत सबध रखथ।
4 बहव ह जमम मनख म आदर क बत समझ जवय। बहव क बछन ह सध रहय, कबरक परमसर ह ओ जमम झन क नयय करह, जऊन मन बभचर अय अऊ आन क सग गलत सबध रखथ।