13 पर हर एक दिन, एक-दूसर ला ढाढ़स बंधावव, जब तक कि येला आज कहे जाथे, ताकि तुमन कोनो घलो पाप के छल म पड़के कठोर झन होवव।
13 पर हर एक दिन, एक-दूसर ला ढाढ़स बंधावव, जब तक कि येला आज कहे जाथे, ताकि तुमन कोनो घलो पाप के छल म पड़के कठोर झन होवव।