बिसवास ले दूरिहा होय के बिरोध म चेतउनी
11 एकर बारे म कहे बर, हमर करा कतको बात हवय, पर येला समझाना कठिन ए, काबरकि तुमन अब समझे के कोसिस नइं करव। 12 वास्तव म, अब तक तुमन ला गुरू जरूर बन जाना रिहिस, पर अभी घलो ये बात के जरूरत हवय कि कोनो तुमन ला फेर परमेसर के बचन के सुरू के बातमन ला सिखोवय। ठोस भोजन के बदले, तुमन ला अभी घलो दूध के जरूरत हवय। 13 जऊन ह दूध पीके जीथे, ओला धरमीपन के पहिचान नइं रहय, काबरकि ओह अभी तक लइका हवय। 14 पर ठोस भोजन ह सियाना मनखेमन बर अय, जऊन मन लगातार अभियास के दुवारा भलई अऊ बुरई के पहिचान करे म, अपनआप ला पक्का कर ले हवंय।