1 पहिली करार म, अराधना के नियम रिहिस अऊ अराधना के एक संसारिक पबितर-स्थान घलो रिहिस, जऊन ह ये धरती म रिहिस। 2 एक पबितर-तम्बू बनाय गीस। एकर पहिली कमरा म दीवट, मेज अऊ परमेसर ला चघाय गे रोटी रहय; येला पबितर स्थान कहे जावय। 3 दूसरा परदा के पाछू एक ठन कमरा रहय, जऊन ला महा पबितर स्थान कहे जावय, 4 उहां धूप जलाय बर सोन के बेदी अऊ सोन ले मढ़े गय करार के सन्दूक रहय। ये सन्दूक म मन्ना ले भरे सोन के कटोरा, हारून के लउठी, जऊन म पीका आ गे रहय अऊ ओमा करार के पथरा के पटियामन घलो रहंय। 5 सन्दूक के ऊपर म महिमा के करूबमन रहंय, जेमन पछताप के ढपना ला छइहां करे रहंय। पर हमन अभी ये जम्मो बातमन के चरचा नइं कर सकन।