4 "देख, बईरी के मन ह फुल गे हवय; ओह बुरई के ईछा करथे— पर धरमी मनखे ह अपन बिसवासयोग्यता*2:4 या बिसवास के दुवारा जीयत रहिही—
4 "देख, बईरी के मन ह फुल गे हवय; ओह बुरई के ईछा करथे— पर धरमी मनखे ह अपन बिसवासयोग्यता*2:4 या बिसवास के दुवारा जीयत रहिही—