3 ह मयर सगमन ह, हलक मह तमन ल उदधर क बर म लख बर बहत उतसक रहव, जऊन म हमन सहभग हवन, पर मह य जरर समझव क तमन ल लखव अऊ बनत करव क तमन ओ बसवस खतर पर महनत करव, जऊन ल परमसर ह अपन पबतर मनखमन ल जमम क सत एकच बर म द हवय।
3 ह मयर सगमन ह, हलक मह तमन ल उदधर क बर म लख बर बहत उतसक रहव, जऊन म हमन सहभग हवन, पर मह य जरर समझव क तमन ल लखव अऊ बनत करव क तमन ओ बसवस खतर पर महनत करव, जऊन ल परमसर ह अपन पबतर मनखमन ल जमम क सत एकच बर म द हवय।