यहोवा के दिन
28 "अऊ ओकर बाद,
मेंह अपन आतमा ला जम्मो मनखेमन ऊपर उंडेलहूं।
तुम्हर बेटा अऊ बेटीमन अगमबानी करहीं,
अऊ तुम्हर सियानमन सपना देखहीं,
तुम्हर जवानमन दरसन देखहीं।
29 मेंह अपन दास अऊ अपन दासीमन ऊपर घलो
ओ दिन म अपन आतमा उंडेलहूं।
30 मेंह ऊपर अकास म
अऊ खाल्हे धरती म अद्भूत काम,
याने कि लहू, आगी अऊ धुआं के बादर देखाहूं।
31 यहोवा के महान अऊ भयानक दिन के आय के पहिली
सूरज ह अंधियार
अऊ चंदा ह लहू सहीं हो जाही।
32 अऊ हर एक, जऊन ह यहोवा के नांव लीही,
ओह उद्धार पाही;
काबरकि छुटकारा सियोन पहाड़
अऊ यरूसलेम म होही,
जइसने कि यहोवा ह कहे हवय,
अऊ त अऊ बचनेवालामन म ओ मनखेमन घलो होहीं
जेमन ला यहोवा ह बलाही।