4 तब यहोवा ह समुंदर म भयानक आंधी चलाईस, अऊ जोरदार तूफान उठिस जेकर कारन जहाज के टूटे के नौबत आ गीस। 5 तब जम्मो डोंगहारमन डराके अपन-अपन देवता ला पुकारे लगिन। अऊ जहाज म लदे सामान ला ओमन समुंदर म फेंके लगिन ताकि जहाज ह हल्का हो जावय।
पर योना ह जहाज के खाल्हे भाग म जाके सुत गे रिहिस, अऊ ओह भारी नींद म रिहिस।
7 तब डोंगहारमन एक-दूसर ला कहिन, "आवव, हमन चिट्ठी डालके पता लगावन कि काकर कारन से ये बिपत्ति आय हवय।" ओमन चिट्ठी डारिन अऊ चिट्ठी ह योना के नांव म निकलिस।
9 योना ह जबाब दीस, "मेंह एक इबरी अंव अऊ मेंह यहोवा, स्वरग के परमेसर के उपासना करथंव, जऊन ह समुंदर अऊ जमीन दूनों ला बनाय हवय।"
12 ओह ओमन ला कहिस, "मोला उठाके समुंदर म फेंक दव, तब समुंदर ह सांत हो जाही, काबरकि मेंह जानत हंव कि मोर कारन ही ये भारी तूफान तुम्हर ऊपर आय हवय?"
15 तब ओमन योना ला उठाके समुंदर म फेंक दीन, अऊ समुंदर के भारी लहरामन थम गीन। 16 येला देखके ओमन यहोवा के बहुंतेच भय मानिन, अऊ ओमन यहोवा ला भेंट चघाईन अऊ मन्नत मानिन।