परमेसर के दया ऊपर योना के कोरोध
1 परमेसर के ये बात ह योना ला बहुंतेच गलत लगिस अऊ ओह गुस्सा हो गीस। 2 ओह यहोवा ले पराथना करिस, "हे यहोवा, का मेंह ये नइं कहे रहेंव, जब मेंह अपन घर म रहेंव? एकरे कारन तरसीस कोति भागे के दुवारा मेंह अन्दाजा लगाय के कोसिस करेंव। मेंह जानत रहेंव कि तेंह अनुग्रहकारी अऊ दयालु परमेसर अस; तेंह देरी से कोरोध करइया अऊ मया ले भरे हवस; तें अइसे परमेसर अस, जऊन ह बिपत्ति डाले नइं चाहय। 3 हे यहोवा, अब तें मोर परान लेय ले, काबरकि मोर जीयत रहई ले मर जवई ह बने बात अय।"
4 पर यहोवा ह जबाब दीस, "का तोर कोरोध करई ह सही अय?"
10 पर यहोवा ह कहिस, "तेंह ये पऊधा बर चिंता करत हस, जेकर तेंह न तो देखभाल करे रहय अऊ न ही तें ओला बढ़ाय रहय। येह रथिया भर म निकलिस अऊ रथिया भर म मर घलो गीस। 11 त फेर का में ये बड़े सहर नीनवे के चिंता नइं करंव, जेमा एक लाख बीस हजार ले जादा मनखे हवंय अऊ जेमन अपन डेरी-जेवनी हांथ के भेद ला नइं जानंय—अऊ ये सहर म बहुंत पसु भी हवंय?"