47 तब मुखिया पुरोहित अऊ फरीसीमन धरम महासभा बलाईन अऊ सभा म ओमन पुछिन,
"हमन का करत हवन? इहां ये मनखे ह बहुंते चमतकार के काम देखावत हवय। 48 यदि हमन ओला अइसनेच छोंड़ देबो, त जम्मो मनखेमन ओकर ऊपर बिसवास करे लगहीं अऊ तब रोमी मनखेमन आके हमर जगह अऊ हमर देस दूनों ला ले लीहीं।"
49 तब ओमा ले काइफा नांव के एक झन मनखे, जऊन ह ओ बछर के महा पुरोहित रिहिस, ओमन ले कहिस, "तुमन कुछू नइं जानव। 50 तुमन नइं समझत हव कि तुम्हर बर ये उचित ए कि मनखेमन खातिर एक आदमी ह मरय अऊ पूरा देस ह नास झन होवय।"