9 मेंह ओमन बर पराथना करत हंव। मेंह संसार बर नइं, पर ओमन बर पराथना करत हंव, जऊन मन ला तेंह मोला देय हवस, काबरकि ओमन तोर अंय। 11 मेंह अब संसार म नइं रहंव, पर ओमन संसार म रहिहीं, अऊ मेंह तोर करा आवत हवंव। हे पबितर ददा, ओमन ला जतन के रख अपन ओ नांव के सक्ति के दुवारा, जऊन नांव ला तेंह मोला देय हवस, ताकि ओमन एक हो जावंय जइसने हमन एक हवन।
15 मेंह ये पराथना नइं करत हंव कि तेंह ओमन ला संसार ले निकाल ले, पर ये पराथना करत हंव कि ओमन ला तेंह सैतान ले बचाय रख।
यीसू ह जम्मो बिसवासीमन बर पराथना करथे
20 "मेंह सिरिप ओमन खातिर ही पराथना नइं करथंव, पर ओमन बर घलो जऊन मन ओमन के संदेस के दुवारा मोर ऊपर बिसवास करहीं,