46 यीसू ह एक बार फेर गलील के काना सहर म गीस, जिहां ओह पानी ला अंगूर के मंद बनाय रिहिस। एक साही अधिकारी रिहिस, जेकर बेटा ह कफरनहूम सहर म बेमार पड़े रहय। 47 जब ये अधिकारी ह सुनिस कि यीसू ह यहूदिया प्रदेस ले गलील म आय हवय, त ओह ओकर करा गीस अऊ बिनती करिस कि ओह आके ओकर बेटा ला चंगा कर देवय, जऊन ह मरइया रिहिस।
48 यीसू ह ओला कहिस, "जब तक तुमन चिनहां अऊ चमतकार नइं देखहू, तब तक बिसवास नइं करव।"
49 ओ अधिकारी ह कहिस, "हे महाराज, एकर पहिली कि मोर लइका ह मर जावय, तेंह जल्दी चल।"
50 यीसू ह ओला कहिस, "तेंह जा। तोर बेटा ह जीयत हवय।"
ओ मनखे ह यीसू के बात ला बिसवास करके उहां ले चल दीस। 51 जब ओह अपन घर जावत रिहिस, त रसता म ओकर सेवकमन मिलिन अऊ ओला बताईन, "तोर बेटा ह जीयत हवय।" 52 ओह ओमन ले पुछिस, "कतेक बेरा ओह बने होईस?" ओमन कहिन, "कल मंझन के एक बजे ओकर जर ह उतर गीस।"
53 तब ओ लइका के ददा ह सुरता करिस कि येह तो ओहीच बेरा ए, जब यीसू ह ओला कहे रिहिस, "तोर बेटा ह जीयत हवय।" तब ओह अऊ ओकर घराना के जम्मो झन यीसू ऊपर बिसवास करिन।
54 येह दूसरा अचरज के चिनहां रिहिस जऊन ला यीसू यहूदिया प्रदेस ले आके गलील प्रदेस म करिस।