27 ओ भोजन बर मेहनत झन करव, जऊन ह नास हो जाथे, पर ओ भोजन बर मेहनत करव, जऊन ह परमेसर के संग सदाकाल के जिनगी तक ठहिरथे, जऊन ला मनखे के बेटा ह तुमन ला दीही। काबरकि परमेसर ददा ह ओकर ऊपर अपन मंजूरी के मुहर लगाय हवय।"
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27 ओ भोजन बर मेहनत झन करव, जऊन ह नास हो जाथे, पर ओ भोजन बर मेहनत करव, जऊन ह परमेसर के संग सदाकाल के जिनगी तक ठहिरथे, जऊन ला मनखे के बेटा ह तुमन ला दीही। काबरकि परमेसर ददा ह ओकर ऊपर अपन मंजूरी के मुहर लगाय हवय।"