14 "एकरसेति अब तुमन यहोवा के भय मानव अऊ पूरा सच्चई से ओकर सेवा करव। ओ देवतामन ला दूरिहा म फटिक दव, जेमन के अराधना तुम्हर पुरखामन फरात नदी के ओ पार अऊ मिसर देस म करत रिहिन, अऊ अब यहोवा के सेवा करव। 15 पर यदि यहोवा के सेवा करई तुमन ला बने नइं लगय, त आज तुमन अपन बर चुन लव कि तुमन काकर सेवा करहू, ओ देवतामन के, जेमन के सेवा तुम्हर पुरखामन फरात नदी के ओ पार म करत रिहिन, या फेर अमोरीमन के देवतामन के, जेमन के देस म तुमन रहत हव। पर जहां तक मोर अऊ मोर परिवार के बात ए, हमन यहोवा के ही सेवा करबो।"
16 तब मनखेमन जबाब दीन, "यहोवा ला तियागके आने देवतामन के सेवा करई हमन ले दूरिहा के बात होवय!
23 यहोसू ह कहिस, "त फेर तुमन अपन बीच म ले पराय देवतामन ला दूरिहा फटिक दव अऊ अपन मन ला यहोवा, इसरायल के परमेसर कोति लगावव।"
24 अऊ मनखेमन यहोसू ला कहिन, "हमन यहोवा हमर परमेसर के सेवा करबो, अऊ ओकरेच बात ला मानबो।"