3 तुमन हथियार धरे जम्मो सैनिकमन के संग सहर के चारों कोति एक चक्कर लगावव। अऊ छै दिन तक अइसनेच करव। 4 सन्दूक के आघू म सात झन पुरोहितमन मेढ़ा के सींग के बने तुरहीमन ला लेवंय। सातवां दिन, सहर के सात चक्कर लगावव, अऊ संग म पुरोहितमन तुरही ला फूंकत रहंय। 5 जब तुमन ला ओमन के तुरही के एक लम्बा अवाज सुनई दीही, त जम्मो सेना ह ऊंचहा अवाज म जय-जयकार करय; तब सहर के दीवार ह गिर जाही, अऊ जम्मो सेना ह सीधा भीतर चल दीही।"
20 जब तुरहीमन ला फूंके गीस, त सेना के मनखेमन जय-जयकार करिन, अऊ तुरही के अवाज सुनके जब मनखेमन ऊंचहा अवाज म जय-जयकार करिन, त दीवार ह गिर गीस; अऊ जम्मो झन भीतर घुस गीन, अऊ ओमन सहर ला अपन अधिकार म कर लीन।