34 जब यिप्तह ह मिसपा म अपन घर ला लहुंटिस, त ओकर बेटी ह खंजरी के अवाज म नाचत ओकर ले भेंट करे बर निकलिस। ओह यिप्तह के एकलऊती बेटी रिहिस। ओला छोंड़ ओकर न तो अऊ कोनो बेटा रिहिस अऊ न ही अऊ कोनो बेटी। 35 जब यिप्तह ह ओला देखिस, त ओह दुख म अपन ओनहामन ला चीरिस अऊ जोर से कहिस, "ओ नइं, हे मोर बेटी! तेंह मोर कनिहां ला टोर देय अऊ मेंह बरबाद हो गेंव। काबरकि मेंह यहोवा करा एक कसम खाय हंव, अऊ ओला टोर नइं सकंव।"