11 तब उहां परभू के एक स्वरगदूत ह ओकर करा परगट होईस अऊ ओ स्वरगदूत ह धूप के बेदी के जेवनी कोति ठाढ़े रहय। 12 जकरयाह ह ओला देखके घबरा गीस अऊ ओह डरा गीस। 13 पर स्वरगदूत ह ओला कहिस, "हे जकरयाह, झन डर! तोर पराथना ह सुने गे हवय। तोर घरवाली इलीसिबा तोर बर एक बेटा जनमही, अऊ तें ओकर नांव यूहन्ना रखबे। 14 अऊ तोला आनंद अऊ खुसी होही, अऊ बहुंत झन ओकर जनम के खातिर आनंद मनाहीं, 15 काबरकि ओह परभू के नजर म एक महान मनखे होही। ओह अंगूर के मंद या आने किसम के मंद कभू नइं पीही, अऊ ओह अपन दाई के पेट ले ही पबितर आतमा ले भरे होही। 16 इसरायली मनखेमन ले बहुंते झन ला, ओह परभू ओमन के परमेसर करा लहुंटाके लानही। 17 अऊ ओह अगमजानी एलियाह के आतमा अऊ सामर्थ म, परभू के आघू-आघू चलही ताकि ओह ददामन के हिरदय ला ओमन के लइकामन कोति करय अऊ हुकूम नइं मनइयामन ला धरमी जन के बुद्धि कोति करय, अऊ ये किसम ले ओह परभू खातिर काबिल मनखेमन ला तियार करय।"