59 आठवां दिन म, ओमन लइका के खतना करे बर आईन अऊ ओमन ओकर नांव ओकर ददा के नांव जकरयाह रखे बर चाहत रिहिन, 60 पर ओकर दाई ह कहिस, "नइं! ओकर नांव यूहन्ना होही।"
61 ओमन ओला कहिन, "पर तोर रिस्तेदारमन म काकरो ये नांव नइं ए।"
62 तब ओमन लइका के ददा ले इसारा करके पुछिन कि ओह लइका के का नांव रखे चाहथे। 63 ओह लिखे के एक पटिया लाने बर कहिस अऊ ओमा लिखिस, "एकर नांव यूहन्ना ए।" येला देखके ओ जम्मो झन अचम्भो करिन। 64 अऊ तुरते जकरयाह के मुहूं ह खुल गे अऊ ओह गोठियाय अऊ परमेसर के इस्तुति करे लगिस।