76 "अऊ ए मोर लइका! तेंह सर्वोच्च परमेसर के अगमजानी कहाबे;
काबरकि तेंह परभू के रसता तियार करे बर ओकर आघू-आघू जाबे,
77 अऊ ओकर मनखेमन ला तेंह बताबे
कि ओमन के पाप छेमा होय के दुवारा ओमन के उद्धार होही।
76 "अऊ ए मोर लइका! तेंह सर्वोच्च परमेसर के अगमजानी कहाबे;
काबरकि तेंह परभू के रसता तियार करे बर ओकर आघू-आघू जाबे,
77 अऊ ओकर मनखेमन ला तेंह बताबे
कि ओमन के पाप छेमा होय के दुवारा ओमन के उद्धार होही।