9 तब पुरोहितमन के रीति के मुताबिक चिट्ठी निकाले गीस अऊ चिट्ठी ह ओकर नांव म निकलिस कि ओह परभू के मंदिर म जाके धूप जलावय। 10 अऊ धूप जलाय के समय म, मनखेमन के जम्मो भीड़ ह बाहिर म पराथना करत रहय।
11 तब उहां परभू के एक स्वरगदूत ह ओकर करा परगट होईस अऊ ओ स्वरगदूत ह धूप के बेदी के जेवनी कोति ठाढ़े रहय।