3 एकरसेति, सचेत रहव।
"यदि तुम्हर भाई ह पाप करथे, त ओला दबकारव, अऊ यदि ओह पछताप करे, त ओला माफ कर देवव। 4 यदि दिन म, ओह सात बार ले तुम्हर बिरोध म पाप करय अऊ सातों बार तुम्हर करा वापिस आके कहय, ‘मेंह पछतावत हंव,’ त ओला जरूर माफ कर देवव।"
5 प्रेरितमन परभू ला कहिन, "हमर बिसवास ला बढ़ा!"
6 परभू ह कहिस, "यदि तुम्हर बिसवास ह सरसों के एक छोटे बीजा बरोबर घलो हवय, त तुमन ये सहतूत के रूख ला कह सकथव, ‘अपनआप जरी सहित उखनके समुंदर म लग जा,’ अऊ येह तुम्हर हुकूम ला मानही।