35 जब यीसू ह यरीहो सहर के लकठा म हबरिस, त उहां एक अंधरा मनखे ह सड़क-तीर म बईठके भीख मांगत रहय। 36 जब ओह मनखेमन के भीड़ के रेंगे के अवाज सुनिस, त पुछिस, "का होवत हवय?" 37 मनखेमन ओला बताईन, "नासरत के यीसू ह जावत हवय।"
38 तब ओह चिचियाके कहिस, "हे यीसू, दाऊद के संतान, मोर ऊपर दया कर।"
39 जऊन मन यीसू के आघू म जावत रिहिन, ओमन ओला दबकारे लगिन अऊ ओला चुपेचाप रहे बर कहिन, पर ओह अऊ जोर से चिचियाके कहिस, "हे दाऊद के संतान, मोर ऊपर दया कर।"
40 तब यीसू ह उहां ठाढ़ हो गीस अऊ हुकूम दीस, "ओ मनखे ला मोर करा लानव।" जब ओह लकठा म आईस, त यीसू ह ओकर ले पुछिस, 41 "तेंह का चाहथस कि मेंह तोर बर करंव?"
ओह कहिस, "हे परभू, मेंह देखे बर चाहत हंव।"
42 यीसू ह ओला कहिस, "तेंह देखन लग; तोर बिसवास ह तोला बने करे हवय।" 43 अऊ तुरते ओह देखे लगिस अऊ परमेसर के महिमा करत ओह यीसू के पाछू हो लीस। जब जम्मो मनखेमन येला देखिन, त ओमन घलो परमेसर के महिमा करिन।