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Lucas 19

लगवइया—जककई

1 यरसहर वत िि2 उहां जककई ांएक मनखरहयओह लगवइयमन िरहय अऊ धनमनखरहय3 ओह हत रहय ि , पर टररन ओह नइसकत िि4 एकरसि ओह आघदऊड़िअऊ बर एक ठन मर चघ , बरकि ओहडहआवत रहय

5 जब जगह हबरि, ओह ऊपर िअऊ जककई कहि, "जककई, रतउतर बरकि आज घर कनजर" 6 ओह रतउतरिअऊ अपन घर

7 खकजममनखमन ़ालगिअऊ कहि, "एक मनखघर पहबर हवय"

8 पर जककई ईस अऊ परभकहि, "परभू, अब ेंअपन आधपति गरबमन वत हव, अऊ यदि ेंकरठगकहव, ेंओकर लहुंूं।"

9 ओलकहि, "आज परमसर मनखअऊ एकर परिउदहवय, बरकि मनखघलअबहम एक 10 मनखएकर सहीं यमन बर अऊ ओमन उदकरबर आय हवय"

दस ठन पटतर

11 जब मनखमन नत रह, तब ओमन एक पटतर कहि, बरकि ओह यरसलसहर लकठहबर ििअऊ मनखमन चत रहि परमसर रतवइयहवय12 एकरसि ओह कहि, "एक मनखएक बहुंिि ओह उहां जपद वय अऊ लहुंटकआवय13 पहिी, ओह अपन दस झन वक बलईस अऊ ओमन दस ठन ि19:13 या मीना, एक मीना ह लगभग तीन महिना के मजदूरी कहि, िलहुंटत तक पईसकरत रहव

14 "पर मनखमन ओलिलकपसनइकरत िि, एकरसि ओमन झन ओकर कहबर पठईन, हमन नइहत हवन ि मनखहमर बनय

15 "तभे, ओह बनअऊ घर लहुंितब ओह जऊन वकमन पईसिि, ओमन बलईस अऊ िि ओमन कतकमहव

16 "पहिवक आईस अऊ कहि, ि, ििेंदस ठन अऊ िकमहव

17 "ओकर िकहि, बहुंबनकरयेंबनवक अस, बरकि ेंरकन ईमनदरहय, ेंदस ठन सहर अधिबनवत

18 "सरवक आईस अऊ कहि, ि, ििेंांठन अऊ िकमहव

19 "ओकर िकहि, ेंांठन सहर अधिबनवत

20 "तब एक आनवक आईस अऊ कहि, ि, हवय िा, ेंएक ठन कपड़ा कड़ा रखरहें21 ेंडरत रहें, बरकि ेंएक कठमनखअसेंओलथस, जऊन हय, अऊ जऊन ेंनइरहस, ओलथस

22 "ओकर िकहि, वक! ेंिकहबचन िकरहूं। ेंनत रहय ि ेंएक कठमनख; ेंओल, जऊन हय, अऊ ओल, जऊन ेंनइरह23 तब ेंपईसैंबर जमनइकर वय, ि जब ेंिआयें, ओलिसहिें?

24 "तब जऊन मन उहां ़े िि, ओमन ओह कहि, एकर िलव अऊ ओलदव, कर करदस ठन िहवय

25 "ओमन कहि, ि, ओकर करआघदस ठन िहवय

26 "ओह जबवत कहि, ेंमन कहत ि हर एक झन कर करहवय, ओलअऊ िी, पर कर करनइ, ओकर घलिी, जऊन ओकर करांहवय27 पर बईरमन इहां नव, जऊन मन नइहत ििि ेंओमन बनअऊ ओमन आघरव’ "

िजय उलयरसलरव

28 जब कह ि, ओह यरसलि ओमन आघू-आघ29 जब पहकरतफगअऊ तनिांलकठआईस, ओह अपन मन झन कहिपठईस, 30 "अपन आघांवव, अऊ जइसनमन ांहबरहू, मन उहां एक ठन गदहबछ़ा िलही, कर ऊपर कभसवनइकरहवओललकइहां आवव31 कहूं हर छय, बर लत हवव?ओलकहव, परभएकर जररत हवय’ "

32 जऊन मन पठिि, ओमन उहां वइसनईन, जइसनओमन कहिि33 जब ओमन गदहबछ़ा लत िि, ओकर िकमन ओमन ि, "मन गदहबछ़ा बर लत हवव?"

34 ओमन कहि, "परभएकर जररत हवय"

35 ओमन गदहबछ़ा करितब ओमन अपन ओनहमन गदहबछ़ा ऊपर िअऊ ओकर ऊपर बईठ36 जब गदहबछ़ा बईठकवत िि, मनखमन अपन ओनहडहदसवत वत रह

37 जब जगह लकठआईस, िां सडपहि वत िि, ओकर मन जमआनमनलगिअऊ ओमन जऊन चमतकिि, ओकर ि ििा-ििपरमसर महिकरककहि:

38 "धइन ा, जऊन परभांआथे!"19:38 भजन 118:26

"वरग ांि अऊ सबलपरमसर महिवय!"

39 फरमन कहि, "ू! अपन मन दबक"

40 "कहि," "ेंमन कहत ि यदि मन रहिीं, पथरमन ििउठहीं।"

41 जब यरसलसहर लकठआईस, ओह सहर खकईस, 42 अऊ कहि, "बनिि कहूं ेंआज िििरहितय ि ांि िलही। पर अब जमन हव43 समय ऊपर आही, जब बईरमन ों ि बनीं अऊ रहीं अऊ जमि कर ीं। 44 ओमन अऊ तर रहइयमनखमन कर ीं; ओमन एकठन पथरअपन जगह नइीं, बरकि ेंसमय नइिनहय, जब परमसर करआईस"

ि

45 तब िअऊ ओमन िकरि, जऊन मन उहां चत िि, 46 अऊ ओह ओमन कहि, "परमसर बचन िहवय, घर परथनघर ी।’19:46 यसा 56:7 पर मन मन अडबनहवव"

47 हर ििउपदकरत ििअऊ िि, अऊ मनखमन अगमन ओलिकरत िि48 पर ओमन अइसनकरबर उपनइिि, बरकि जममनखमन बड़े लगन

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