चरवाहा अऊ स्वरगदूतमन
8 उहां लकठा के मैदान म, कुछू चरवाहामन रथिया अपन भेड़ के झुंड के रखवारी करत रहंय। 9 तब परभू के एक स्वरगदूत ह ओमन करा परगट होईस, अऊ परभू के महिमा के तेज ओमन के चारों कोति चमकिस, अऊ ओमन डरा गीन। 10 पर स्वरगदूत ह ओमन ला कहिस, "झन डरव! मेंह तुम्हर बर बड़े आनंद के सुघर संदेस लाने हवंव, जऊन ह जम्मो मनखेमन बर होही।