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Lucas 21

25 "रज, अऊ मन िनहां िखहीं। धरत, जममनखमन गहीं अऊ ओमन समुंदर गरजन अऊ भयकर लहरघबरीं। 26 भय अऊ अवइयकट रन मनखमन नइरहिी, बरकि अकसकिमन हलीं। 27 समय मनखमन मनखा’ एक दर सकि अऊ बड़े महिआवत खहीं। 28 जब तमन वन लगय, वव अऊ अपन ऊपर करव, बरकि हर उदलकठी।"

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