42 "हे ददा, कहूं तोर ईछा हवय, त ये दुख के कटोरा ला मोर करा ले टार दे; तभो ले मोर नइं, पर तोर ईछा पूरा होवय।" 43 तब स्वरग ले एक स्वरगदूत ओकर करा आईस अऊ ओला मजबूत करिस। 44 अऊ ओह बहुंते बियाकुल होके, अऊ लगन से पराथना करे लगिस, अऊ ओकर पसीना ह लहू के बूंद सहीं भुइयां म गिरत रहय।
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