यीसू के जी उठई
1 हप्ता के पहिली दिन बड़े बिहनियां, ओ माईलोगनमन जऊन मसाला के लेप तियार करे रिहिन, ओला लेके यीसू के कबर करा गीन। 2 ओमन पथरा ला कबर के मुंहाटी ले ढलंगे पाईन। 3 पर जब ओमन कबर के भीतर गीन, त ओमन उहां परभू यीसू के देहें ला नइं पाईन। 4 जब ओमन ये बात ला देखके अचम्भो करत रिहिन, त अचानक दू झन मनखे चमकीला कपड़ा पहिरे ओमन करा आके ठाढ़ हो गीन। 5 ओमन बहुंत डरा गीन अऊ अपन चेहरा ला तरी करके ठाढ़ हो गीन, तब ओ मनखेमन ओमन ला कहिन, "जऊन ह जीयत हवय, ओला तुमन मरे मन के बीच म काबर खोजत हवव? 6 ओह इहां नइं ए। ओह जी उठे हवय। सुरता करव, जब ओह तुम्हर संग गलील प्रदेस म रिहिस, त तुमन ला का कहे रिहिस: 7 ‘मनखे के बेटा ह पापी मनखेमन के हांथ म सऊंपे जाही अऊ ओह कुरूस ऊपर चघाय जाही, पर तीसरा दिन ओह फेर जी उठही।’ "