19 उठ, रथिया के बेरा पुकार,
जब रथिया के पहरमन सुरू होथें;
परभू के आघू म अपन हिरदय ला
पानी सहीं ढार दे।
अपन ओ लइकामन के जिनगी खातिर
ओकर कोति अपन हांथ ला उठा,
जेमन गली के हर कोना म
भूख के मारे बेहोस होवथें।
19 उठ, रथिया के बेरा पुकार,
जब रथिया के पहरमन सुरू होथें;
परभू के आघू म अपन हिरदय ला
पानी सहीं ढार दे।
अपन ओ लइकामन के जिनगी खातिर
ओकर कोति अपन हांथ ला उठा,
जेमन गली के हर कोना म
भूख के मारे बेहोस होवथें।