12 " ‘कहूं ओह येला धनबाद देय बर चघाथे, त ये धनबाद-बलिदान के संग, ओह जैतून तेल म सनाय बिगर खमीर के बने मोटा-मोटा रोटी, बिगर खमीर के बने तेल म चुपरे पातर-पातर रोटी, अऊ बने ढंग से गुंथाय अऊ तेल म सनाय बहुंत चिक्कन पीसान के बने मोटा-मोटा रोटी चघावय।
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