4 ओमन कहिन, "मूसा ह मरद ला तियाग पतर लिखके अपन घरवाली ला छोंड़े के हुकूम दे हवय।"
5 यीसू ह कहिस, "तुम्हर हिरदय के कठोरता के कारन मूसा ह अइसने हुकूम तुम्हर बर लिखे हवय। 6 पर ये संसार के सुरू म परमेसर ह ओमन ला नर अऊ नारी करके बनाईस। 7 एकरे कारन मरद ह अपन दाई-ददा ले अलग होके अपन घरवाली संग मिले रहिही। 8 अऊ ओ दूनों एक तन होहीं। ओमन अब दू नइं, पर एक अंय। 9 एकरसेति, जऊन ला परमेसर ह जोड़े हवय, ओला कोनो मनखे अलग झन करय।"