यीसू के यरूसलेम जवई
1 जब ओमन यरूसलेम के लकठा म हबरिन अऊ जैतून पहाड़ के बैतफगे अऊ बैतनियाह गांव करा आईन, त यीसू ह अपन चेलामन ले दू झन ला ये कहिके पठोईस, 2 "तुमन आघू के गांव म जावव, अऊ जइसने ही तुमन उहां हबरहू, तुमन ला उहां एक ठन गदही के बछेड़ा बंधाय मिलही, जेकर ऊपर कभू कोनो सवारी नइं करे हवंय। ओला ढीलके इहां ले आवव।
7 ओमन गदही के बछेड़ा ला यीसू करा लानके, ओकर ऊपर अपन ओनहामन ला डालिन अऊ यीसू ह ओकर ऊपर बईठ गीस। 8 अऊ कतको झन अपन ओनहा ला ओकर आघू, डहार म दसा दीन अऊ कतको झन खेतमन के डारामन ला काटके डहार म दसा दीन। 9 जऊन मन ओकर आघू-आघू जावत अऊ जऊन मन पाछू-पाछू आवत रहंय, ओमन चिचिया-चिचियाके कहत रिहिन,
"होसाना!11:9 होसाना येकर मतलब होथे बचा पर बाद म येकर उपयोग परसंसा करई म होय लगिस"
"धइन ए ओ, जऊन ह परभू के नांव म आथे।"11:9 भजन 118:25, 26
10 "धइन ए हमर पुरखा दाऊद राजा के अवइया राज के!"
"सबले ऊंच स्वरग म होसाना!"
11 यीसू ह यरूसलेम म आके यहूदीमन के मंदिर म गीस अऊ चारों खूंट जम्मो चीजमन ला देखके अपन बारहों चेलामन संग बैतनियाह चल दीस, काबरकि सांझ हो गे रहय।
यीसू ह अंजीर के रूख ला सराप देथे
(मत्ती 21:18-19)