53 तब ओमन यीसू ला महा पुरोहित करा ले गीन अऊ जम्मो मुखिया पुरोहित, अगुवा अऊ कानून के गुरूमन उहां जूर गीन।
55 मुखिया पुरोहितमन अऊ धरम महासभा के जम्मो मनखेमन यीसू के बिरूध म गवाही खोजत रहंय, ताकि ओमन ओला मार डारंय, पर ओमन ला एको झन नइं मिलिन। 56 बहुंते झन ओकर बिरूध लबारी गवाही दीन, पर ओमन के गोठ एक-दूसर के संग मेल नइं खाईस।
61 पर यीसू ह चुपेचाप रिहिस अऊ कुछू जबाब नइं दीस।
महा पुरोहित ह ओला फेर पुछिस, "का तेंह महिमामय परमेसर के बेटा मसीह अस?"
62 यीसू ह कहिस, "हां, मेंह अंव। अऊ तुमन मनखे के बेटा ला सर्वसक्तिमान परमेसर के जेवनी हांथ कोति बईठे अऊ अकास के बादरमन ऊपर आवत देखहू।"
63 तब महा पुरोहित ह अपन कपड़ा ला चीरके कहिस, "हमन ला अऊ कोनो गवाह के जरूरत नइं ए? 64 तुमन ये निन्दा ला सुने हवव। तुम्हर का बिचार हवय?"
ओमन जम्मो ओला मिरतू-दंड के दोसी ठहिराईन।