39 ओह उठके आंधी ला दबकारिस अऊ पानी के लहरामन ला कहिस, "सांत हो जावव, थम जावव।" तब आंधी ह थम गीस अऊ एकदम सांत हो गीस।
40 ओह अपन चेलामन ला कहिस, "तुमन काबर डरावत हवव? का तुमन ला अब घलो मोर ऊपर बिसवास नइं ए?"
41 ओमन अब्बड़ डरा गे रिहिन अऊ एक-दूसर ला पुछन लगिन, "येह कोन ए? अऊ त अऊ आंधी अऊ पानी के लहरामन घलो एकर हुकूम मानथें।"