22 तभे याईर नांव के एक सभा-घर के अधिकारी आईस अऊ यीसू ला देखके ओकर गोड़ खाल्हे गिरिस, 23 अऊ ओकर ले बहुंत बिनती करके कहिस, "मोर नानकून बेटी ह मरइया हवय, तेंह आके ओकर ऊपर अपन हांथ ला रख कि ओह बने होके जीयत रहय।" 24 तब यीसू ह ओकर संग गीस अऊ एक बड़े भीड़ ह ओकर पाछू हो लीस।
भीड़ के कारन मनखेमन ओकर ऊपर गिरे परत रिहिन।